तीमुथियुस कर प्रोत्साहन
3 मै रात दिन अपन पराथना हे तुमके सुरता करत भगवान के धन्यबाद देथो, जिनखर सेबा मै सुध्द मन लग उहै मेर करथो, जसना मोर परदादा करथै। 4 तुम्हर आंसू के सुरता करत मोके तुम्हर लग मिलै के मन होथै, कि मोर खुसी पूर हुइ जाय। 5 मोके तोर ऊ निस्कपट बिस्वास के सुरता हबै, जउन आगू तोर नानी लोइस अउ तोर दाय यूनीके हे रहिस, अउ मोके निस्चय हबै, कि उहै बिस्वास तोर हे हबै।