11 मै हरबी आमै बाले हव, जउन सिक्छा तुम्हर लिघ्घो हबै ओहमा बने रइहा, जेखर लग कउ तुम्हर मुकुट के झइ छंडाय पामै।
11 मै हरबी आमै बाले हव, जउन सिक्छा तुम्हर लिघ्घो हबै ओहमा बने रइहा, जेखर लग कउ तुम्हर मुकुट के झइ छंडाय पामै।