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3अपन सउपे हर मनसेन हे हक झइ जताबा, पय झुन्ड के निता इमानदार बन के सेबा करा।
11ओखर सक्ति जुगजुग बने रहे। ओसनेन होय।
14माया के चुम्मा लग अक दूसर के नमस्ते करा।तुम सगलू के, जउन मसीह हे हबै, सान्ति मिलत रहै।
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3अपन सउपे हर मनसेन हे हक झइ जताबा, पय झुन्ड के निता इमानदार बन के सेबा करा।
11ओखर सक्ति जुगजुग बने रहे। ओसनेन होय।
14माया के चुम्मा लग अक दूसर के नमस्ते करा।तुम सगलू के, जउन मसीह हे हबै, सान्ति मिलत रहै।