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Colossenses 3

12 इहिभगवहर पवितर मनसअउ इजजत जसनअपन िरदय करा, भल, दया, मरता, नतअउ रन ा। 13 आपस सहअउ छमकरबनरहै, अगर कउनसर परति ियत , उकउहछमकरजसनपरभमकछमकरहबै। 14 पय सब लग बडहइ हबि आपस बनरखा, सब अकजधर परिरततक पहुंै। 15 मसि मन करै, इहि ि, अकबनके, गय हबै, हरमधनयबबनरहा।

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