18 मै बिनती करथो, कि तुम्हर मन के आंखी उघर जाय ताकि तुम जाना कि तुम्हर बुलाय जाय के आसा अउ पवितर मनसेन के निता ओखर महिमा सुरु लग ओखर डेरा हबै। 19 अउ जउन बिस्वास करथै, ओहमा काम करै के ओखर सक्ति केतका बडा हबै, हमर भित्तर काम करै बाले सक्ति ओतकै बलवान हबै।
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