8 काखे तुम पहिले अंधियार हे रहा, पय अब परभु हे उजियार हबा अउ उजियार के टोरवा के जसना चला, 9 जछो उजियार हबै, उछो हर मेर के भलाई, नियाइपन धरमी काम अउ सच्चाई पइदा होथै। 10 अउ हइ परखा कि परभु के काहिन भाउथे?
8 काखे तुम पहिले अंधियार हे रहा, पय अब परभु हे उजियार हबा अउ उजियार के टोरवा के जसना चला, 9 जछो उजियार हबै, उछो हर मेर के भलाई, नियाइपन धरमी काम अउ सच्चाई पइदा होथै। 10 अउ हइ परखा कि परभु के काहिन भाउथे?