मोर जीय के मसीह हबै
12 हे भाइयो मै तुमके गुठे देय चाहथो, कि मोर उप्पर जउन बीते हबै, ऊ संदेस के परचार हे बाधा नेहको बलुक मदत सिध्द हुइस। 13 राजमहल के सगलू सिपाही लग हइ बात फइल गइस कि मै मसीह के कारन जेल हे हबो। 14 बोहत भाइन के मोके जेल हे बेडररे लग बल मिलिस, उन परभु लग बिस्वास करके, पहिलेन लग बोहत हिम्मत के संग बिना डरे भगवान के बचन सुनाथै।