फिलिप्पुस अउ नतनएल के बुलउवा
43 दूसर रोज यीसु गलील परदेस छो जाय चाहथै, उछो ओखर भेंट फिलिप्पुस लग होथै, यीसु ओखर लग कथै, "मोर पाछू आबा।" 44 फिलिप्पुस, अन्द्रियास अउ पतरस बैतसदा सहर के निबासी रथै। 45 फिलिप्पुस नतनएल लग मिलके ओखर लग कथै, "जेखर बात मूसा किताब हे अउ ग्यानी मनसे लिखे हबै, ऊ हमही मिल गय हबै, ऊ नासरत के रहै बाले यूसुफ के टोरवा यीसु नासरी हबै।"