45 फिलिप्पुस नतनएल लग मिलके ओखर लग कथै, "जेखर बात मूसा किताब हे अउ ग्यानी मनसे लिखे हबै, ऊ हमही मिल गय हबै, ऊ नासरत के रहै बाले यूसुफ के टोरवा यीसु नासरी हबै।"
46 नतनएल ओखर लग कथै, "का कउनो निक्खा चीज नासरत लग निकर सकथै?"
फिलिप्पुस ओखर लग कथै, "चलके देख लेया।"
47 यीसु नतनएल के अपन पल्ला अउत देखके ओखर बारे हे कथै, "देख, हइ अक्ठी सही इस्राएली हबै एखर भित्तर कउनो कपट नेहको हबै।"
48 नतनएल यीसु लग कथै, "तै मोके कसना जानथस?" यीसु ओही जबाब देथै, "फिलिप्पुस तोके बुलाय लग पहिलेन, जब तै अंजीर के रूख के तरी रहस तब मै तोके देखे रहों।"
49 नतनएल ओही जबाब देथै, "हे गुरू तै भगवान कर टोरवा हबस, तै इस्राएल के राजा हबस।"
50 यीसु ओही जबाब देथै, "मै जउन तोर लग कथो, कि मै तोके अंजीर के रूख तरी देखे रहों, का तै इहैनिता बिस्वास करथस? तै एखर लग बड्डे-बड्डे काम देखबे।" 51 फेरै ओखर लग कथै, "मै तुम्हर लग सही-सही कथो, तै स्वरग के उघरत अउ भगवान कर स्वरगदूतन के मनसे कर टोरवा के उप्पर उतरत अउ उप्पर जात देखिहा।"