यीसु यरुसलेम हे बिजय
12 दूसर रोज, फसह तेउहार हे आय हर मनसेन के जब पता चलथै कि यीसु यरुसलेम हे आथै। 13 इहैनिता उन खजूर के डगइल लेथै अउ यीसु लग मिलै के जाय लग जथै अउ पुकारै लग जथै, जय होय, धन्य इस्राएल के राजा जउन परभु के नाम लग आथै।
14 जब यीसु के अक्ठी गदही के लरका मिलथै, ता ऊ ओखर उप्पर बइठ जथै, जसना किताब हे लिखररे हबै।
15 हे सियोन के टोरिया झइ डर,
देख तोर राजा गदहा के,
लरका के उप्पर बइठके आथै।
16 पहिले ओखर चेला हइ बात नेहको समझथै, पय जब यीसु के महिमा परगट हुइस ता उनही सुरता आथै, कि हइ बात ओखर बारे हे लिखररे हबै अउ मनसे ओखर संग इहैमेर के बेउहार करथै।
17 तब भीड के उन मनसे गवाही देथै, जउन ऊ टेम यीसु के संग रथै, जब ऊ लाजर के मरघटी हे मरे हर मसे जिन्दा करथै, उन मनसे देखे रथै। 18 इहै कारन मनसे ओखर लग मिलै के निता आय रथै, काखे उन सुने रथै कि ऊ इहै हबै जउन चकित के काम देखाय हबै। 19 तब फरीसी मनसे अपन हे कथै, "देखथा, तुम कुछु नेहको के पइहा, देखा सगलू दुनिया ओखे पाछू चलथै।"