8 जब ऊ दुनिया हे आही, ता पाप, नियाइपन अउ सजा के बारे हे दुनिया के दोसी सिध्द के देही। 9 पाप के बारे हे काखे उन मोर हे बिस्वास नेहको करथै। 10 नियाइपन के बारे हे, काखे मै बाफ के लिघ्घो जथो अउ फेर तुम मोके नेहको देख पइहा। 11 नियाव के बारे हे काखे हइ दुनिया के सरदार दोसी ठहराय जाय चुके हबै।