32 यीसु उनखर लग कथै, मै तुम्हर लग सही-सही कथो कि मूसा तुमही ऊ रोटी स्वरग लग नेहको दइस, बलुक मोर बाफ तुमही स्वरग लग सही रोटी देथै। 33 काखे भगवान के रोटी ऊ हबै, जउन स्वरग लग उतर के दुनिया के जीवन देथै।
34 तब उन यीसु लग कथै, हे परभु, हइ रोटी हमही सबरोज दय कर।
35 यीसु उनखर लग कथै, जीवन के रोटी हे आंव, जउन मोर लिघ्घो आही, ऊ कबहुन भूखे नेहको रही अउ जउन मोर उप्पर बिस्वास करही, ऊ कबहुन पियास नेहको रही।