35 यीसु उनखर लग कथै, जीवन के रोटी हे आंव, जउन मोर लिघ्घो आही, ऊ कबहुन भूखे नेहको रही अउ जउन मोर उप्पर बिस्वास करही, ऊ कबहुन पियास नेहको रही।
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35 यीसु उनखर लग कथै, जीवन के रोटी हे आंव, जउन मोर लिघ्घो आही, ऊ कबहुन भूखे नेहको रही अउ जउन मोर उप्पर बिस्वास करही, ऊ कबहुन पियास नेहको रही।