34 मरियम स्वरगदूत लग कथै, "हइ कसके सम्भव होही? काखे मै तो कुमारी हव।"
35 स्वरगदूत जबाब देथै, "तोर लिघ्घो पवितर आतमा आही, अउ परम परधान के सक्ति तोके अपन छाया हे लइ लेही, हइमेर ऊ पइदा लय बाले पवितर लरका भगवान कर टोरवा कहाही।
34 मरियम स्वरगदूत लग कथै, "हइ कसके सम्भव होही? काखे मै तो कुमारी हव।"
35 स्वरगदूत जबाब देथै, "तोर लिघ्घो पवितर आतमा आही, अउ परम परधान के सक्ति तोके अपन छाया हे लइ लेही, हइमेर ऊ पइदा लय बाले पवितर लरका भगवान कर टोरवा कहाही।