स्वरगी धन डेरा32 "तुम जउन गिनती हे कम हबा, हे झुन्ड झइ डर, काखे तुम्हर बाफ तुमके राज देय के किरपा करे हबै।
स्वरगी धन डेरा32 "तुम जउन गिनती हे कम हबा, हे झुन्ड झइ डर, काखे तुम्हर बाफ तुमके राज देय के किरपा करे हबै।