32 अगर ऊ सामना नेहको कर सकथै, ता जब तक दूसर राजा दूर हबै, ऊ राजदूतन के पठोय के ओखर आगू सान्ति परस्ताव रखी।
32 अगर ऊ सामना नेहको कर सकथै, ता जब तक दूसर राजा दूर हबै, ऊ राजदूतन के पठोय के ओखर आगू सान्ति परस्ताव रखी।