6 जब ऊ मनसे अपन घर छो आथै, ता अपन संगी अउ परोसिन के, अपन लिघ्घो बुलाय के उनखर लग कथै, मोर संग मगन करा काखे मोके मोर भुलाय हर गेडरा मिल गय हबै। 7 मै तुम्हर लग कथो, इहैमेर निन्यानबे धरमी मनसे के अपेक्छा, जेही पस्चाताप करै के जरूरी नेहको हबै, ऊ अक्ठी पापी के निता स्वरग छो कहुं बोहत मगन बनाय जही, जउन मन बदलथै।