1 यीसु चेलन के हइ बात गुठेमै के निता, कि उनही सबरोज बिनती करै चाही अउ निरास नेहको होय चाही, हइ किस्सा सुनाइस। 2 यीसु कथै कउनो सहर हे अक्ठी न्यायधीस रहिस, जउन न भगवान लग डरथै अउ न कउनो मनसे के इज्जत करथै। 3 उहै सहर छो अक्ठी विधवा डउकी रथै, ऊ ओखर लिघ्घो आयके कहे करथै, मोर अनियाय के खिलाफ, उनखर लग मोके इन्साफ दिलवा। 4 कुछ रोज तक ऊ न्यायधीस, ओखर बिनती के परवाह नेहको करथै, पय बाद हे ऊ अपन मनै मन हइ कथै, मै न भगवान लग डरथो, अउ न कउनो मनसे के परवाह करथो। 5 पय हइ बिधवा डउकी मोके परसान करथै, इहैनिता मै एखर निता नियाव के जुगाड करहुं, जेखर लग ऊ बेर-बेर आय के मोके परसान करथै।
6 परभु कथै, "सुना अधरमी न्यायधीस काहिन कथै? 7 ता का भगवान अपन चुने हर मनसेन के निता नियाव के जुगाड नेहको करी, जउन रात दिना चिरलात रथै, का ऊ उनखर बारे हे देरी करी? 8 मै तुम्हर लग कथो, ऊ हरबी उनखर निता नियाव करी, पय जब मनसे कर टोरवा आही, ता का ऊ भुंइ हे बिस्वास पाही?"