10 स्वरगदूत बरेदियन लग कथै, झइ डर देखिहा मै तुमही बडा खुसी के संदेस सुनाथों, जउन सगलू मनसेन के निता होही। 11 काखे आज दाऊद के सहर हे तुम्हर निता, अक्ठी मुकति करै बाले पइदा लय हबै, इहै परभु मसीह हबै। 12 ओखर चिन्हारी के निसानी हइ हबै, कि तुम अक्ठी लरका के फरिया हे लपटरे हर अउ सार हे सोउत पइहा।