बरेदिया अउ स्वरगदूत
8 यहूदिया परदेस हे बरेदिया रात के टेम, मइदान हे अपन गडरन के ताकथै। 9 उहै टेम परभु के अक्ठी स्वरगदूत बरेदियन के लिघ्घो आथै, अउ परभु के तेज उनखर चारो पल्ला चमकथै, अउ उन बोहत डेराय जथै। 10 स्वरगदूत बरेदियन लग कथै, झइ डर देखिहा मै तुमही बडा खुसी के संदेस सुनाथों, जउन सगलू मनसेन के निता होही। 11 काखे आज दाऊद के सहर हे तुम्हर निता, अक्ठी मुकति करै बाले पइदा लय हबै, इहै परभु मसीह हबै। 12 ओखर चिन्हारी के निसानी हइ हबै, कि तुम अक्ठी लरका के फरिया हे लपटरे हर अउ सार हे सोउत पइहा।
13 उहै टेम अचानक स्वरगदूत के स्वरगी सेना के बिसाल समूह दिखाई देथै, जउन हइ कहत भगवान के भजन करथै,
14 सबले ऊंच स्वरग हे भगवान कर महिमा,
अउ भुंइ हे उन मनसेन के सान्ति मिलै, जिनखर लग ऊ मगन हबै।