अक्ठी चवकीदार के बिस्वास
1 मनसेन के अपन ई सगलू बात सुनामै के बाद, यीसु कफरनहूम सहर हे आइस। 2 उहां अक्ठी रोमन सिपाही के खास हरवाह, जउन बोहत नंगाय रथै अउ मरै बाले रथै। 3 जब सिपाहिन के सिपाही यीसु के चरचा सुनिस, ता कुछ सियान यहूदी के यीसु के लिघ्घो हइ बिनती करै के निता पठोथै, कि ऊ आयके ओखर हरवाह के निक्खा कर दे। 4 उन यीसु के लिघ्घो आयके ओखर लग बिनती करके कथै, "ऊ सेना साहब ऊ काबिल हबै, कि तै ओखर निता असना कर। 5 ऊ हमर रास्ट लग माया करथै, अउ उहै हमर निता मंडली सभा बनवाय हबै।"
6 यीसु उनखर संग कढ गइस, जब ऊ ओखर घर के लिघ्घो पहुंचै बाले रथै, तब सेना सिपाही अपन सखा के दवारा यीसु के लिघ्घो हइ कहिके संदेस पठोथै, कि परभु तै कस्ट झइ कर, काखे कि मै हइ काबिल नेहको हबो, कि तै मोर छानी तरी आबै। 7 सिपाहिन के साहब कथै, मै इहैनिता खुद के हइ काबिल नेहको समझथो, कि तोर लिघ्घो आंव तै अक्ठी सब्द कहि दे ता मोर सेबक निक्खा हुइ जही। 8 मै खुदय साहबन के वस हे रथो, अउ सिपाही मोर वस हे रथै, जब मै अकझन लग कथो जा, ता ऊ जथै अउ अपन हरवाह लग कथो, हइ कर ता ऊ करथै।
9 हइ सुनके यीसु सेनानायक के बात हे चकित होथै, ऊ अपन पाछू आउत मनसेन के पल्ला मुडके कथै, मै तुम मनसेन लग कथो, इस्राएल हे मै एतका मजबूत बिस्वास नेहको पायों।
10 अउ पठोय हर मनसे अपन घर छो लउटके आथै, ता अपन हरवाह के चंगा पाथै।