21 यीसु ओही देखके ओखर लग माया करिस, अउ ओखर लग कथै, तोर भित्तर अक्ठी कमी हबै, जा जउन कुछ तोर लिघ्घो हबै, उके बेच के, उके गरीबन के बांट दे, अउ तोके स्वरग हे धन डेरा मिलही। अउ आ मोर पाछू हुइ जा। 22 ई बातन के सुनके, धनी मनसे के सकल हे उदासी छाय गय, अउ मुरझाय के अपन घर छो कढ जथै, काखे ऊ बोहत धनी रथै।