8 पय पवितर किताब काहिन कथै? बचन तुम्हर लिघ्घो हबै, ऊ तुम्हर मुंह हे अउ तुम्हर मन हे हबै, हइ बिस्वास के ऊ बचन हबै, जेखर हम परचार करथन।
8 पय पवितर किताब काहिन कथै? बचन तुम्हर लिघ्घो हबै, ऊ तुम्हर मुंह हे अउ तुम्हर मन हे हबै, हइ बिस्वास के ऊ बचन हबै, जेखर हम परचार करथन।