11 परयास करै हे आलसी झइ करा, पवितर आतमा लग खुसी हे भरे रहा, परभु के सेबा करतै रहा। 12 आसा हे खुसी, दुख हे धीर अउ बिनती हे नियम बनाय रखा।
11 परयास करै हे आलसी झइ करा, पवितर आतमा लग खुसी हे भरे रहा, परभु के सेबा करतै रहा। 12 आसा हे खुसी, दुख हे धीर अउ बिनती हे नियम बनाय रखा।