मिरतू के निता पाप पय मसीह हे जिन्दा
1 हम काहिन कहि, कि हम पाप करतै रही? भगवान के अनुगरह अपन उप्पर होत रहे। 2 बिलकुन नेहको, हइ कसना सम्भव हबै, कि हम जउन पाप के परति मर चुके हबै, उहै हे जीवन गुजारी।
1 हम काहिन कहि, कि हम पाप करतै रही? भगवान के अनुगरह अपन उप्पर होत रहे। 2 बिलकुन नेहको, हइ कसना सम्भव हबै, कि हम जउन पाप के परति मर चुके हबै, उहै हे जीवन गुजारी।