20 काखे जब तुम पाप के हरवाह रथा, ता नियाइपन धरमी के तरफ लग अजाद रहा। 22 पय अब पाप लग आजाद हुइ के तुम भगवान के गुलाम बन गय अउ पवितरता के फल उत्पन्न करथै, जेखर परिनाम हबै सबरोज के जीवन।
20 काखे जब तुम पाप के हरवाह रथा, ता नियाइपन धरमी के तरफ लग अजाद रहा। 22 पय अब पाप लग आजाद हुइ के तुम भगवान के गुलाम बन गय अउ पवितरता के फल उत्पन्न करथै, जेखर परिनाम हबै सबरोज के जीवन।