बिस्वास कर परिक्छा
2 हे मोर भाई अउ बेहन, जब तुम्हर उप्पर कइन मेर के परिक्छा हे पडा, तब इके बडा खुसी के बात समझिहा। 3 काखे तुम जानत हबा कि तुम्हर बिस्वास के परिक्छा होय के बाद धीरज पइदा होथै। 4 धीर के अपन काम पूर करै देया कि तुम निरदोस अउ सिध्द हुइ जा, अउ तुम हे कउनो मेर के कमी झइ रहै।