3 यदि हाव आपसी सम्पूर्ण संपत्ती गरीब क खावाड़ दिदा, या आपसी देह धपाड़ने क करता देय दिदा, आरू मोंग नी राख्यो, तो मखे काही भी लाभ नी।
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3 यदि हाव आपसी सम्पूर्ण संपत्ती गरीब क खावाड़ दिदा, या आपसी देह धपाड़ने क करता देय दिदा, आरू मोंग नी राख्यो, तो मखे काही भी लाभ नी।