4 जो ज्ञान की भाषा मा वात करता छे, वो आपसी ही बढ़ती करता छे; पुन जो भविष्यव्दाणी करता छे, वो मंडळी की बढ़ती करता छे।
4 जो ज्ञान की भाषा मा वात करता छे, वो आपसी ही बढ़ती करता छे; पुन जो भविष्यव्दाणी करता छे, वो मंडळी की बढ़ती करता छे।