मंडळी मा अनतिकता
1 याहा तक सोमवने मा आवता छे कि तुमू मा व्यभिचार हुयसे छे, वरना ओसो व्यभिचार जो गैरयहुदीन मा भी नी कि एक मानुस आपने बास की बायर क राखता छे। 2 आरू तुमू शोक तो नी करता, छे जिनासे ओसो काम करनेवावा तुमरे विच मा छे निकाव जाता, पुन डाहळाय करता होय।