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1 पतरस 4

2 ि भविआपसिवन वरनयहा–भगवमरजयतकरे। 3 हकि रयहमरजगलत करने, आरचपन मतवपन, ़ा, कटो, आरिजक तक हल ा, ा। 4 इनोंगलगयकरति ओसचपन ओका, आरएरकरा–भलयते। 5 पर ओकवतआरमरलकरने, िे। 6 हकि मरलखबर इनकरतमवगयि ओक, पर आतयहा–भगववते।

यहा–भगवभलभण

7 सब आखरततयने; एरकरयमहईन िनतकरतसचरवु।

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