मंडळीन अध्यक्ष
1 यो वात सच्चाई छे कि जो अध्यक्ष हुयने जूवता छे, वो वारलो काम की मरजी करता छे। 2 3:2 तितुस 1:6-9यो छाची छे कि मंडळी क मुखी निर्दोष, आरू एक ही बायर क घर वावो, संयमी, सुशील, सभ्य, पाहंनतराय सत्कार करनेवावा, आरू सिखाड़ने मा निपुन होय। 3 पियक्कड़ या मारपीट करनेवावा नी होय; वरना कोमल होय, आरू नम्र, आरू दीन होय, आरू नी धन क लालुच होय। 4 आपने घर क वारलो तयारी करता होय, आपसा पोर्या पारी क सारी वातड़ी छे हको तळे राखता होय। 5 जव काही आपने घर ही क तयारी करने नी जानता होय, तो यहोवा–भगवान कि मंडळी की राखवावी कोसी करसे। 6 ओवी यो कि नवलो चेलो नी होय, ओसो नी होय कि डाहवाय करीन शैतान क सारको दण्ड देख्या। 7 बाहरतावावा मा भी तेरो सुनाम होय, ओसो नी होय, कि निन्दित हईन शैतान क फांदा मा फंस जाय।