14 हाव तीसरी बार तुमरे साथे आवने क तियार छे, आरू ने तुमू पर काही भार नी राखीस, काहकि हाव तुमरी संपत्ती नी वरना तुमू ही क जुवता छे। काहकि पोर्य क आश बास क करता धन एखठो करने नी जुवे, पर आश बास क पोर्य क करता।
Publicidade
14 हाव तीसरी बार तुमरे साथे आवने क तियार छे, आरू ने तुमू पर काही भार नी राखीस, काहकि हाव तुमरी संपत्ती नी वरना तुमू ही क जुवता छे। काहकि पोर्य क आश बास क करता धन एखठो करने नी जुवे, पर आश बास क पोर्य क करता।