5 इनी कारण तुमू सब प्रकार क यत्न करीन आपसा विश्वास पर सद्गुण, आरू सद्गुण पर ज्ञान क जुडू। 6 आरू समझ पर संयम, आरू संयम पर धीरज, धीरज आरू भक्ति। 7 आरू भक्ति पर भाईचारे की प्रेम आरू भाईचारे की प्रेम आरू मोंग बड़ावता जावु।
5 इनी कारण तुमू सब प्रकार क यत्न करीन आपसा विश्वास पर सद्गुण, आरू सद्गुण पर ज्ञान क जुडू। 6 आरू समझ पर संयम, आरू संयम पर धीरज, धीरज आरू भक्ति। 7 आरू भक्ति पर भाईचारे की प्रेम आरू भाईचारे की प्रेम आरू मोंग बड़ावता जावु।