4 "ए पोरबु कुन थार से नी बीक राखे,
आरू थारा नाव की महिमा कुन नी करसे?
काहकि तु एखलुत् चुखलो छे,
आरू सब जाति आवसे,
आरू थारी महिमा करसे,
काहकि तार न्यायन काम प्रगट होय गया छे।"
4 "ए पोरबु कुन थार से नी बीक राखे,
आरू थारा नाव की महिमा कुन नी करसे?
काहकि तु एखलुत् चुखलो छे,
आरू सब जाति आवसे,
आरू थारी महिमा करसे,
काहकि तार न्यायन काम प्रगट होय गया छे।"