आखरी नियाय
11 ओळी हाव एक मोटो धवळो राजगाद्दी क आरू उको जो तिना पर बठ्यो छे, देख्यों ओको ओगळ सी धरती आरू वादवो ठास गया, आरू ओको जुगे जागु नी जोड़यो। 12 ओळी हाव नाना आरू मोटा आखा मरला क राजगाद्दी ओगळ उबा होयला देख्यो, आरू किताब खुली गय; ओळी एक आरू किताब खुली गय, मतलब जीवन नी किताब; आरू जोसो तिनी किताब मा लिखी गयों हूतों ओसत् ओको कामो न अनसारे मरला क नियाय कर्यो जाछे। 13 आरू दरियो तिना मरला क जो अधोलोक उका मा हूता दे दियों; आरू ओका मा सी आखा क काम क अनसारे उका नियाय करियो जाछे। 14 आरू मोत आरू अधोलोक पताळ आगठा मा न्हाखी गया। यी आगठा न तलाव दिसरी मोत छे; 15 आरू जिनाक नाव जीवनन किताब मा लिख्यो हुओ नी हावळछे, वो आगठा न तलाव मा न्हाखी गयों।