13 पछु हांव ने सोरग मा आरू धरती पर आरू धरती क नेचो आरू दरिया की आखी बनावली चीजों क, आरू आखो काय उका मा छे, यो कयतला समळ्यो,
"आरू जो सिंहासन पर बठलो छे उको आरू गाडरा क,
धन्यवाद आरू विजोत आरू महिमा आरू राज
जलोमको रवे।"
13 पछु हांव ने सोरग मा आरू धरती पर आरू धरती क नेचो आरू दरिया की आखी बनावली चीजों क, आरू आखो काय उका मा छे, यो कयतला समळ्यो,
"आरू जो सिंहासन पर बठलो छे उको आरू गाडरा क,
धन्यवाद आरू विजोत आरू महिमा आरू राज
जलोमको रवे।"