24 थारा मानसे थारा चुखला नगर न वाटे सालन सत्तर हापता नेवाड़ला छे। इनु साल न वितने मा आखे भातीयेन गुणा खतम हुय जासे, पाप खतम हुय जासे, धरमन काम देखाय पड़ने लागसे, दर्शन आरु हुयने वाळी वातोन पाको पुरावो हुयसे आरु परम चुखला जागा न अभिषेक हुयसे। 25 दानियेल हतरान करीन तु यी वात जान ले आरु समझ कि जिना टेम पर यरुशलेम नगर को पछो बनावने आरु हेको पछो बसाड़नेन हुकुम निकाळसे, उना टेम सी लगाड़ीन नेवाड़ला अभिषिक्त जो नेतो बी छे, हेको आवनेन टेमे तक सालोन सात हापता हुयसे। तव सालोन साठ ने दुय हापता तक काठली टेम आवसे। इनी काठली टेम मा नगर को फिर सी बनावसे। हेका चोक पछा बनसे आरु खाय पछी खुदायसे। 26 साठ ने दुय हापता न बाद एकदिसरो अभिषिक्त होयसे। त्यो मनुस क काट देसे आरु हेको पास मा काहय बी रये। एक अगळवानीयो आवसे। हेकी सेना नगर आरु चुखला जागान को सुनलाझुळा बनाय देसे। आरु हेको नास मोटोपानी आवने सी हुयसे, आरु आखरी तक लड़ाय हुयती रयसे। विनाश हुयनो टाकयलो छे। 27 "त्यो अगुवो घण सवटान क सात मा वातन वायदु कोरसे। इनी पाकी वातन टेम सालन एक हापतान हयसे आरु इनु सालन आदा हापता तक मेल बादा आरु ओनोन बादा चढ़ावनो बन्द कराय देसे। तव भुंनली मुरती पुजा जादा हुयने सी त्यो अगुवो पाको गुणाहगार हुयसे। त्यो उना टेम पर नाश करतो रयसे इव तक हेको नास न टाकली टेम नी आय जाय।"
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