मसीहन दीनता आरू महानता
1 शेवली कावा यदि मसीह मा काही शांती, आरू मोंग छे ढाढ़स, आरू आत्मा की सहभागिता, आरू काही करूणा आरू दया छे। 2 तो मारो याहा खुशी पूरो करू कि एक मन रयो, आरू एक ही मोंग, एक मनीया, आरू एक ही मनसा राखु।
1 शेवली कावा यदि मसीह मा काही शांती, आरू मोंग छे ढाढ़स, आरू आत्मा की सहभागिता, आरू काही करूणा आरू दया छे। 2 तो मारो याहा खुशी पूरो करू कि एक मन रयो, आरू एक ही मोंग, एक मनीया, आरू एक ही मनसा राखु।