मसीह जीवन जीवने क निर्देश
1 भाईस लोगहन मा मोंग रये। 2 पाहंनतराय करने नी भूलने, काहकि ओका द्वारा काही मानसे ने अनजाने मा सोरगदूत क विजुत सत्कार कर्या छे। 3 कैदीयो की ओसी सुधि लेदी कि मानु ओको साथे तुमू भी कैद होय, आरू जिन्दरे साथे बुरा बर्ताव कर्या जाता छे, उनकी भी यो समझीन सुधि लेदा करू कि हामरी भी देह छे।