10 विश्राम क दहाडो वो एक आराधना घर शिक्षा कर रया हुता। 11 वाँ एक बायर हुती जिनाक अठारे साल छे एक कमजोर करनेवाळी साहळा लागी होती आरू वो कुभडी होय गयी होती आरू काही रीति सिधी नी होयी सकती होती। 12 ईशु ओको देखीन बुलाया आरू कयो, "हे नारी तु आपसी कमजोरी छे छुट गयी। 13 तव त्यो ओको पर हार राखीन आरू वो छाटोत सुधो वा गयी आरू यहोवा–भगवान कि बढ़ाई करने लागी।"
14 अतरान करीन कि ईशु विश्राम क दहाडो ओको वारू कर्या हुता आराधना घर क सरदार चिताकर मानसेछे कयने लाग्या, "छो, दहाडो छे जीनमा काम करने जुवे आखरी उन ही दहाडे मा आवी वारू होय पुन विश्राम दहाडो मा नी।"
15 यो सोमवीन पोरबुने जवाब दिया हे कपटी, काय विश्राम क दहाडो तुमू मा छे हर एक आपने बैल या गदड़ा क स्थान छे उघाडीन पानी पावने नी ली जाता छे? 16 तो काय वारू नी हुता कि यो बायर जो अब्राहम कि बेटी छे जीनाक शैतान क अठारे साल छे बांधीन राख्या हुता विश्राम क दहाडो इनीये बंधनछे छुड़ायो जारी? 17 जी त्यो यो वात कयी तो ओका सब विरोधी लज्जित हो गया आरू सारी गर्दी उन महिमा क काम छे जो वो करता हुता खुश हयी