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लूका 2

िईशअरपण

22 जव यवसआरमरयम यनहड़ा ा, ओकयरशलगयरबओगव ा, 23 ि रबयवसिे: "हर एक पहिखल्‍रबकरतिठरछे।" 24 आररबयवसवचन े: "एक ़ो रवा" बलिकर्‍ा।

25 यरशलशमवकएक आरभको; आरइसएल रया, आरखलआतओकपर ी। 26 आरखलआतओकपर रगट ि जव तक रबमसे, तव तक मरन खछे। 27 शमखलआतििआश; आरजव उन्‍ईश, ि ओककरतयवसि ि कर्‍ा, 28 शमओकआपसआरयहा–भगवधनयवकरकयो:

29 "भगव, िआपन

वचन ांमरने,

30 हकि उधे,

31 िसब नसमनकर्‍े।

32 ि रयहरककरति

आरिनसइसएल ि महि"

33 ओकआरओकइन ओकिषय शमकयी, घबरकरता। 34 तव शमननउनकबरकत िो, ओकमरियम कयो, इसएल पडे, आरउठनकरता, आरएक ओससहलयनकरतगये, ओकिकर35 "वरनतलविइनहदिरगट यछे।"

36 आशअवळिहननह वकफनएल एक भवियवदकिी। हलआरिलबओकघरवमर गयो। 37 रवियली: आरिी, पर उपवआरथनकर करहडउपवकर्‍करती। 38 आरउनघड़ी ाँ आवरबधनयवकरनी, आरउन सभे, नसयरशलटकवता, उन्‍िषय करनी।

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