ईशु कि वंशावड़ी
23 जव ईशु आप शिक्षा करने लाग्या, तो लग—भग डेढ़वीस साल की साल क हुतो आरू (जोसो समझा जातो हुतो) यूसुफ क पोर्या हुतो; आरू वो एली क, 24 आरू वो मत्ताथा क, आरू वो लेवी क, आरू वो मलकी क, आरू वो यन्ना क, आरू वो यूसुफ क, 25 आरू वो मत्तित्याह क आरू वो आमोस क, आरू वो नहूम क, आरू त्यो असलीया क, आरू वो नोगह क, 26 आरू वो मात क, आरू वो मत्तित्याह क आरू वो आरू शिमी क, आरू वो योसेस क, आरू वो योदाह क, 27 आरू वो यहुन्ना क, आरू वो रेसा क, आरू वो जरूब्बाबेल क, आरू वो शालतियेल क, आरू वो नेरी क, 28 आरू वो मलकी क, आरू वो अद्दी क, आरू वो कोसाम क, आरू वो इलमोदाम क, आरू वो एर क, 29 आरू वो ईशु क, आरू वो इलजार क, आरू वो योरीम क, आरू मत्ताथा क, आरू वो लेवी क, 30 आरू वो शमौन क, आरू वो यहूदा क, आरू वो यूसुफ क आरू वो योनान क आरू वो एलयाकीम क, 31 आरू वो मेलिया क आरू वो मिन्नाह क, आरू वो मत्ताथा क, आरू वो नातान क, आरू वो दाऊद क, 32 आरू वो यिशै क आरू वो ओबेद क, आरू वो बोआज क, आरू वो सलमोन क, आरू वो नहशोन क, 33 आरू वो अम्मीनादाब क, आरू वो अरनी क, आरू वो हिस्रोन क, आरू वो पेरेस क आरू वो यहूदा क, 34 आरू वो याकूब क, आरू वो इसहाक क, आरू वो अब्राहम क, आरू वो तिरह क आरू वो नाहोर क, 35 आरू वो सरूग क, आरू वो रऊ क, आरू वो फिलिग क, आरू वो एबिर क आरू वो शिलह क, 36 आरू वो केनान क आरू वो अरफशद क, आरू वो शेम क, आरू वो नूह क, आरू वा लामेख लेमेक क, 37 आरू वो मथूशिलह क आरू वो हनोक क, आरू वो यारेत क, आरू वो महललेल क, आरू वो केनान क 38 आरू वो एनोश क, आरू वो शेत क, आरू वो आदम क, आरू वो यहोवा–भगवान क, पोर्या हुतो।