भाई–बहनीन क पाप
15 "कदाम थारो भाई थारा विरोध मा पाप करे, तो जाईन आरू एखला मा वात करीन उको समझाड़ दे; कदाम त्यो थारी सुनी लेय तो तु थारा भाई क पाय लेदो।" 16 आरू कदाम त्यो नी सुने, तो आरू एक जन क थार साथ मा ली जा, कि हर एक वातन दूय या तीन गवाय क मुय सी बनली रये। 17 कदाम त्यो ओकी वात भी नी माने, तो मंडळी सी कय दे, कदाम त्यो मंडळी की भी नी माने, तो तु उको गैरयहुदी आरू फाळो लेनेवाळा क जसो जान।
हक देना आरू हक ना देना
18 18:18 मत्ती 16:19; यहुन्ना 20:23 "हाव तुमरे सी सच कहवो, जो काय तुमू धरती पर बांधसे, त्यो सोरग मा बांधायसे आरू जो काय तुमू धरती पर खुले, त्यो सोरग मा खुलसे।"
19 पछु हाव रूमरे कहवो कदाम तुमरे माईन दूय जन धरती पर काहय वात क करता त्या मांगे, एक मन क हय, तो म्हार बास की तरप सी जो सोरग मा छे ओका करता हुय जासे। 20 "काहकि जा सारी दूय या तीन जन म्हार नाव सी एखटा हुये वा हाव उका वीच मा रहवो।"