35 "इनी रीति सी कदाम तुमरे माईन हर एक आपसा भाईस मन सी माफ नी करसे, तो म्हार बास जो सोरग मा छे, तुमरे सी भी वसोत करसे।"
35 "इनी रीति सी कदाम तुमरे माईन हर एक आपसा भाईस मन सी माफ नी करसे, तो म्हार बास जो सोरग मा छे, तुमरे सी भी वसोत करसे।"