29 हर एक जन जो मार करता, घर भाई–बहिनीस, माय बास, अवलियाद या खेत क छुड़ देय, उको सौ गुना फव मुवसे, आरू त्यो अमरकाय जीवन क हकदार हुयसे।
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29 हर एक जन जो मार करता, घर भाई–बहिनीस, माय बास, अवलियाद या खेत क छुड़ देय, उको सौ गुना फव मुवसे, आरू त्यो अमरकाय जीवन क हकदार हुयसे।
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