माय न विनती
20 जबदी क पोर्या माय आपसा पोर्या क साथ मा ईशु क पास आवीन नमस्कार करिया, आरू उका सी मांगने लागी।
21 ईशु ओका सी कयो, "तुको काय जुवे?" त्यो उका सी बोली, "यो कय दे, कि म्हार दूय पोर्या क थारा राजमा एक थारे जेवड़े आरू एक डासचिया तरफ बठे।"
22 ईशु जाव देदो, "तुमू यो नी जानो कि काय मांग रिया। जो दुःख क वाटको हाव पीने पर छे, काय तुमू पी सको?" त्या उका सी कयो,
"पी सकजे।" 23 ईशु उन लोगहन सी कयो, "तुमू म्हारो वाटको पीसो पर मार जेवड़ा आरू डासचिये कोयक बठाड़नो म्हारो काम नी हय, पर जिना क करता म्हार बासन तरफ सी तियार करीयो गयो, उका करता छे।"