आखरी नियाव
31 25:31 मत्ती 16:27 मत्ती 19:28 जव मनुसोन पोर्या आपसी महिमा मा आवसे, ओवी आखा सोरगदूत हेरे पुठी आवसे ती त्यो हेरी महिमा न पर बोस जासे 32 आरू सब राज्य क सामने एखठा हुयसे; आरू जसा गुवाळियो गाड़ गाडरा आरू बुकड़ा सी अलग कर देय, वसोत त्यो उन क दिसरा सी अलग कर देसे। 33 आरू त्यो गाडरा न क आपसा जेवड़ा तरफ आरू बुकड़ान क डासचिया तरफ उबा करसे। 34 तव राजा आपसे जेवड़ा तरफ वाला सी कहवसे, "ए म्हार बास क सयाला लोगहन, कहवासे, जो कोळ जुग क शुरू सी तुमरे जुगु तियार करलो छे।" 35 काहकि हाव भुखलो हुतो, आरू तुमू मेखे खानो दिया; हाव पिसलो हुतो, आरू तुमू मेखे पानी पिवाड़िया, हाव दूर देश क हुतो, तुमू मेखे तुमरा घर मा मेकलु; 36 "हाव नांगरो हुतो, तुमू मेखे छिंदरा पेहराया; हाव बीमार हुतो, तुमू म्हारी खबर लेदो, हाव जेल खाना मा हुतो, तुमू म्हार सी मेळने आया।"
37 तव न्यायी उको जवाब देसे, "ए पोरबु हामु कोतार तुखे भुखलो देखिया आरू खवाड़िया? आरू पोसलो देखिया, आरू पानी पिवाड़िया?" 38 "हामु कोतार तुखे अनजानो देखिया आरू आपसा हामरा घर मा रूकाया या नांगो देखिया, आरू छिंदरा पेहराया? 39 हामु कोतार तुखे बीमार या जेलखाना मा देखिया आरू थार सी मेळने आया?" 40 तव राजा उन लोगहन क जवाब देसे, हाव तुमरे सी सच कहवो, कि तुमू इनु नाना सी नानला भाईस सी कोय एक क साथ मा करिया, त्या तुमू म्हार सात मा करिया।
41 "तव त्यो डाखरिया तरफ वालान लोगहन क कहवसे ए श्रापित लोगहन, म्हार सामने सी उका जलोम धपनीया आग्ठा मा जाती रहवो, जो शैतान आरू उका दूत क करता तियार करला छे।" 42 काहकि हाव भुखलो हुतो, आरू तुमू मेखे खानो नी दिया, हाव पिसला हुतो, आरू तुमू मेखे पानी नी पीलायो; 43 हाव बाहर देश क हुतो, आरू तुमू मेखे तुमरा घर मा नी रूकने दीदा; हाव नांगो हुतो, आरू तुमू मेखे छिंदरा नी पेहनाया; हाव बीमार आरू जेल खाना मा हुतो, आरू तुमू म्हारी खबर नी लेदो।
44 तव त्या जवाब देसे, "ए पोरबु, हामु तुखे कोतार भुखलो, या पीसलो, या बाहर देश क आरू नागरो, या बीमार, या जेलखाना मा देखिया, आरू थारी सेवा नी करिया?" 45 तव त्यो उन लोगहन क जवाब देसे, हाव तुमरे सी सच कहवो कि तुमू जो इनु नाना सी नानला माईन कोय एक साथ मा नी करिया, त्यो म्हार साथ मा नी करिया। 46 "या सब अमरकायन सजा झेलसे, बाकुन न्यायी अमरकायन जीवन मा भरायसे।"