ईशु न परीक्षा
1 4:1 इब्रानियों 2:18; 4:15 तव आत्मा ईशु क जंगल मा ली गया ताकि शैतान छे ओकी परीक्षा होय। 2 त्यो चावीस दाहड़ा, आरू चावीस रात, भुखलो रयो, तव ओको भुख लागी। 3 तव पारखनेवावा ने साथे आवीन ओको छे कयो, "यदि तु यहोवा–भगवान क पोर्या छे, तो कय दे, कि यो दगड़ा रोटा बन जाय।"
4 ईशु जवाब दिदो: "लिखलो छे, ‘मानुस केवल रोटा छे नी, पुन हर एक वचन छे जो यहोवा–भगवान क मुख छे निकवता छे, जीवतो रवछे।’"
5 तव आत्मा शैतान ओको चुखलो नगर मा ली गया आरू मंदिर क कातर पर उबो कर्या, 6 आरू ओका सी कयो, "यदि तु यहोवा–भगवान क पोर्या छे, तो तु या सी कुद जा" काहकि लिखलो छे:
"यहोवा–भगवान थारा बारा मा आपने सोरगदूत क हुकुम देसे, आरू त्यो तुखे हातो–हात उठायली जासे;
काही ओसी नी होय कि थारा पाय मा दगड़ा सी ठेस नी लागे।"4:6 भजन संहिता 91:11-12
7 ईशु ने ओका सी कयो, "यो भी लिखलो छे: तु पोरबु आपने यहोवा–भगवान की परीक्षा नी करे।"
8 पछु शैतान ओको एक घोणा उचा बयड़ा पर ली गयो आरू सब जग क राज्य आरू ओका राज देखाड़ी 9 ओका सी शैतान कयो, "यदि तु पाये टेकीन नमस्कार करे, तो हाव यो सब काही तुखे आपी देस।"
10 तव ईशु ने ओका सी कयो, "हे शैतान दूर होय जा, काहकि लिखलो छे: तु पोरबु आपने यहोवा–भगवान क नमस्कार कर, आरू केवल ओकी उपासना कर।"4:10 व्यवस्थाविवरण 6:13
11 तव शैतान ओका साथे छे जात रयी, आरू देखु, सोरगदूत आवीन ओकी सेवा करने लाग्या।