25 जव तक तु आपने मुद्दई साथे मार्ग ही मा छे, उना छे छाटलो हावव मिलाप कर लेय काही ओसो नी होय कि मुद्दई तुखे सरदार क सौप्य, आरू सरदार तुखे सिपाई क सौप देय, आरू तु जेल मा नाख दिदो जाय। 26 हाव तुखे छे छाचो कयता छे कि तव तक तु कौड़ी–कौड़ी भर नी देय तक वाँ छे छूटने नी देखसे।
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